भर दे दिल मेँ यह दिवाली आपके ख़ुशियोँ के रंग: डा. अहमद अली बर्की आज़मी
भर दे दिल मेँ यह दिवाली आपके ख़ुशियोँ के रंग
आपके इस रंग मेँ पडने न पाए कोई भंग
जो जहाँ हो उसको हासिल हो वहाँ ज़ेहनी सुकून
दूर हो जाए जहाँ से बुगज़, नफरत और जंग
अपने दिल को साफ रखिए आप मिसले आइना
आपकी शमशीरे ईमाँ पर न लगने पाए ज़ंग
है ज़रूररत वक्त की आपस में रखिए मेल जोल
भाइचारा देख कर सब आपका रह जाएँ दंग
आइए आपस मेँ मिल कर यह प्रतिज्ञा हम करेँ
रंग मे अपनी दिवाली के न पडने देँगे भंग
महफ़िले शेरो सुख़न मेँ जश्न का माहौल है
कीजिए नग़मा सराई आप बर्क़ी लेके चंग
डा. अहमद अली बर्की आज़मी
About Me
- Dr. Ahmad Ali Barqi Azmi
- M.A(Urdu,Persian),PHD (Persian),B.ED, Composing Topical Urdu Poetry of Scientific Nature & Current Scientific and Technoligical Events and International Days. मेरा तआरुफ शहरे आज़मगढ है बर्क़ी मेरा आबाई वतन जिसकी अज़मत के निशाँ हैँ हर तरफ जलवा फेगन मेरे वालिद थे वहाँ पर मर्जए अहले नज़र जिनके फिकरो फ़न का मजमूआ है तनवीरे सुख़न नाम था रहमत इलाही और तख़ल्लुस बर्क़ था ज़ौफ़ेगन थी जिनके दम से महफ़िले शेरो सुख़न आज मैँ जो कुछ हूँ वह है उनका फ़ैज़ाने नज़र उन विरसे मेँ मिला मुझको शऊरे फिकरो फ़न राजधानी देहली मेँ हूँ एक अर्से से मुक़ीम कर रहा हूँ मैँ यहाँ पर ख़िदमते अहले वतन रेडियो के फ़ारसी एकाँश से हूँ मुंसलिक मेरा असरी आगही बर्क़ी है मौज़ूए सुख़न डा. अहमद अली बर्क़ी आज़मी ज़ाकिर नगर, नई दिल्ली
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4 comments:
'असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय ' यानी कि असत्य की ओर नहीं सत्य की ओर, अंधकार नहीं प्रकाश की ओर, मृत्यु नहीं अमृतत्व की ओर बढ़ो ।
दीप-पर्व की आपको ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं ! आपका - अशोक बजाज रायपुर
बहुत सुन्दर!
आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामना!
बेहतरीन!
सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!
-समीर लाल 'समीर'
दीपावली का ये पावन त्यौहार,
जीवन में लाए खुशियां अपार।
लक्ष्मी जी विराजें आपके द्वार,
शुभकामनाएं हमारी करें स्वीकार।।
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