Saturday, October 17, 2009

भर दे दिल मेँ यह दिवाली आपके ख़ुशियोँ के रंग : डा. अहमद अली बर्की आज़मी


भर दे दिल मेँ यह दिवाली आपके ख़ुशियोँ के रंग : डा. अहमद अली बर्की आज़मी

भर दे दिल मेँ यह दिवाली आपके ख़ुशियोँ के रंग
आपके इस रंग मेँ पडने न पाए कोई भंग


जो जहाँ हो उसको हासिल हो वहाँ ज़ेहनी सुकून
दूर हो जाए जहाँ से बुगज़, नफरत और जंग


अपने दिल को साफ रखिए आप मिसले आइन
आपकी शमशीरे ईमाँ पर न लगने पाए ज़ंग


है ज़रूररत वक्त की आपस में रखिए मेल जोल
भाइचारा देख कर सब आपका रह जाएँ दंग


आइए आपस मेँ मिल कर यह प्रतिज्ञा हम कर
रंग मे अपनी दिवाली के न पडने देँगे भंग


महफ़िले शेरो सुख़न मेँ जश्न का माहौल है
कीजिए नग़मा सराई आप बर्क़ी लेके चंग

1 comment:

Udan Tashtari said...

बेहतरीन गज़ल साहब!

सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

सादर

-समीर लाल 'समीर'