Thursday, March 5, 2009

आई होली ख़ुशी का ले के पयाम

आई होली ख़ुशी का ले के पयाम

डा अहमद अली बर्क़ी आज़मी





आई होली ख़ुशी का ले के पयाम

आप सब दोस्तोँ को मेरा सलाम



सब हैँ सरशार कैफो मस्ती मेँ

आज की है बहुत हसीँ यह शाम



सब रहेँ ख़ुश युँही दोआ है मेरी

हर कोई दूसरोँ के आए काम



भाईचारे की हो फ़जा़ ऐसी

बादा-ए इश्क़ का पिएँ सब जाम



हो न तफरीक़ कोई मज़हब की

जश्न की यह फ़ज़ा हो हर सू आम



अम्न और शान्ती का हो माहोल

जंग का कोई भी न ले अब नाम



रंग मे अब पडे न कोई भंग

सब करेँ एक दूसरे को सलाम



रहें मिल जुल के लोग आपस मेँ

मेरा अहमद अली यही है पयाम

1 comment:

नीरज गोस्वामी said...

बहुत खूब बर्की साहेब...आप को भी होली की मुबारक बाद...बेहद खूबसूरत ग़ज़ल कही है आपने...
नीरज